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Maharashtra : मजदूर पप्पू कुमार की संदिग्ध मौत, परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग

Maharashtra महाराष्ट्र: जिले के राजाभिठा थाना क्षेत्र के कुशबिल्ला गांव के 35 वर्षीय मजदूर पप्पू कुमार पंडित की महाराष्ट्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जीआरपी पुलिस ने उनका शव पालघर रेलवे स्टेशन से बरामद किया। प्रारंभिक जांच में यह रेल हादसा होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन घटना की गहराई से जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मृतक पप्पू कुमार पंडित करीब एक माह पूर्व गांव के ही व्यक्ति सदानंद पंडित के साथ रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र गया था। पप्पू की पत्नी पिंकी देवी ने बताया कि सदानंद पंडित ने उन्हें वहां रोजगार दिलाने का भरोसा दिलाया था। लेकिन घटना की जानकारी मिलने के बाद से सदानंद पंडित का मोबाइल फोन बंद है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा।
मृतक के घरवालों ने बताया कि पहले पप्पू की मौत को एक सामान्य दुर्घटना बताया गया था। लेकिन बाद में उनकी ओर से मामले की विस्तृत जानकारी देने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की गई। इस पर परिवार के मन में कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। स्वजनों का कहना है कि मामले में कई पहलुओं को गंभीरता से जांचा जाना चाहिए और वे निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद कुशबिल्ला गांव में पप्पू के घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर है और लोग मृतक के परिवार के साथ संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। पप्पू के घरवालों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों को सज़ा दी जाए।
रेल पुलिस ने बताया कि मृतक का शव रेलवे ट्रैक के समीप पाया गया और प्रारंभिक जांच में यह रेल हादसा होने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, पुलिस ने कहा कि सभी संभावित पहलुओं पर ध्यान देते हुए आगे की जांच की जाएगी।
पप्पू के परिवार और गांववालों का कहना है कि महाराष्ट्र में रोजगार दिलाने के नाम पर भेजे गए मजदूरों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए और किसी भी प्रकार की शिथिलता को अनुमति न दी जाए।
स्थानीय प्रशासन ने भी कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के लिए संबंधित टीम को महाराष्ट्र भेजा गया है। परिवार ने आशा जताई है कि जांच निष्पक्ष होगी और मामले में सच्चाई सामने आएगी।
इस घटना ने ग्रामीण इलाकों के मजदूरों के लिए रोजगार संबंधी सुरक्षा और निगरानी की जरूरत पर सवाल खड़ा कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए मापदंड और दिशा-निर्देश सख्त करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





